आज के डिजिटल युग में अपने ऑनलाइन अकाउंट्स को सुरक्षित रखने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या Multi-Factor Authentication को सबसे मजबूत दीवार माना जाता है। लेकिन क्या हो जब हैकर्स इसी सुरक्षा चक्र को आपके खिलाफ हथियार बना लें? इन दिनों साइबर अपराधी MFA Fatigue Attack या Push Bombing नाम की एक बेहद चतुर तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें हैकर्स आपके फोन पर लगातार लॉगिन अप्रूवल नोटिफिकेशन की बाढ़ ला देते हैं। जब आप बार-बार आने वाले इन अलर्ट्स से तंग आ जाते हैं या गलती से 'Accept' पर टैप कर देते हैं, तो आपका अकाउंट तुरंत हैक हो जाता है।
जब भी आप किसी नए डिवाइस में लॉगिन करते हैं, तो ऑथेंटिकेटर ऐप आपको एक पुश नोटिफिकेशन भेजता है। MFA Fatigue Attack में हैकर्स के पास आपका पासवर्ड पहले से होता है, लेकिन वे टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के कारण रुक जाते हैं। इसके बाद वे आधी रात को या काम के घंटों के दौरान लगातार सैकड़ों लॉगिन रिक्वेस्ट भेजते हैं।
बार-बार बजने वाली घंटी और स्क्रीन पर आते पॉप-अप्स से यूजर में 'नोटिफिकेशन थकान' पैदा होती है। परेशान होकर यूजर बिना सोचे-समझे पुश अप्रूवल पर क्लिक कर देता है और हैकर को एंट्री मिल जाती है।
हैकर्स आपकी सुरक्षा तकनीक को नहीं, बल्कि आपकी इंसानी झुंझलाहट और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और प्रमुख टेक कंपनियां अब पुश बॉम्बिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रमाणीकरण के तरीकों में बड़े बदलाव कर रही हैं। पारंपरिक केवल 'Yes' या 'No' वाले अलर्ट्स को अब हटाया जा रहा है।
अब गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य सुरक्षा ऐप्स 'नंबर मैचिंग' का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जब आप लॉगिन करने की कोशिश करते हैं, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर एक नंबर दिखता है। आपको वही नंबर अपने मोबाइल ऑथेंटिकेटर ऐप में टाइप करना होता है। इस सिस्टम के कारण हैकर द्वारा भेजे गए MFA Fatigue Attack पूरी तरह बेअसर हो जाते हैं क्योंकि यूजर को सही नंबर का पता ही नहीं होता।
स्मार्टफोन और ऐप्स में कितने भी सुरक्षा अपडेट आ जाएं, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर आपको अचानक फोन पर कई प्रमाणीकरण नोटिफिकेशन मिलने लगें, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
क्या आपको भी कभी बिना वजह लॉगिन अप्रूवल के पुश नोटिफिकेशन मिले हैं? आपने उस स्थिति को कैसे संभाला, नीचे कमेंट करके हमें जरूर बताएं!









